वाराणसी/हरहुआ। विकासखंड हरहुआ के ग्राम पंचायत करोमा में करीब 15 वर्षों से बंद पड़े राजकीय नलकूप के रिबोर का रास्ता आखिरकार साफ हो गया। राजस्व विभाग की टीम ने ग्रामसभा की बंजर भूमि की पैमाइश कर सरकारी जमीन को सुरक्षित कराया, जिसके बाद सिंचाई विभाग ने रिबोर की मशीन मौके पर पहुंचाकर कार्य शुरू कर दिया। नलकूप के दोबारा चालू होने की उम्मीद से किसानों में खुशी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार राजकीय नलकूप के रिबोर के लिए ग्रामसभा की आराजी संख्या 306 की जमीन की पैमाइश की गई। मौके पर क्षेत्र के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, प्रधान प्रतिनिधि भगत यादव तथा हरहुआ पुलिस टीम मौजूद रही। पैमाइश के बाद संबंधित भूमि को सुरक्षित कर सिंचाई विभाग को रिबोर कार्य के लिए उपलब्ध कराया गया।
प्रधान प्रतिनिधि भगत यादव के अनुसार पैमाइश के दौरान गांव के ही कुछ लोगों द्वारा टीम के कार्य में कथित रूप से व्यवधान डाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र दूबे और धनंजय दूबे ने टीम के साथ अभद्रता की तथा जरीब फेंकने और धमकी देने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस ने धर्मेंद्र दूबे को चौकी ले जाकर विधिक कार्रवाई की।
पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश की प्रक्रिया पूरी कराई गई और इसके बाद सिंचाई विभाग ने नलकूप के रिबोर का कार्य शुरू कर दिया। लंबे समय से सिंचाई के पानी की समस्या झेल रहे किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष जताया।
किसानों का कहना है कि नलकूप के बंद रहने से उन्हें सिंचाई के लिए निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे खेती की लागत बढ़ रही थी। नलकूप के रिबोर के बाद इसके पुनः चालू होने से क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि सरकारी जमीन की सुरक्षा और नलकूप के रिबोर कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ बड़ागांव थाने में तहरीर दी गई है। उन्होंने प्रशासन से सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित कराने तथा नलकूप का रिबोर कार्य शीघ्र पूरा कराकर किसानों को नियमित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
मौके पर किसान रामजी यादव, त्रिलोकी दूबे, विजय कुमार, अजय पाण्डेय, मच्छींद्र यादव, शोभालाल, धीरज, बुझारत सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।