सोनभद्र। जुगैल क्षेत्र के विभिन्न आदिवासी टोलों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। राहुल पाण्डेय के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने बगडेवा, पुसरेवं, सलैयापान, गर्दा गर्दी, घोड़ा घाट, कसनार समेत कई आदिवासी बस्तियों में बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी इन आदिवासी टोलों में बिजली नहीं पहुंच सकी है।
कई स्थानों पर न तो विद्युत पोल लगाए गए हैं और न ही तार खींचे गए हैं। इसके चलते ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षा संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में कहा गया कि क्षेत्र के अनेक गांव आज भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि संबंधित विभागों द्वारा तत्काल सर्वे कराकर आवश्यक विकास कार्य शुरू किए जाएं तथा प्रभावित क्षेत्रों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसे सार्वजनिक किया जाए
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के मुख्य अधिशासी अभियंता को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की कि प्रभावित टोलों में विद्युत पोल लगाए जाएं, तार खींचे जाएं और पात्र परिवारों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए।
इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 21 अक्टूबर 2026 से लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना था कि उनका उद्देश्य किसी विभाग या व्यक्ति का विरोध करना नहीं है, बल्कि जुगैल क्षेत्र के आदिवासी परिवारों को संविधान प्रदत्त मूलभूत सुविधाएं दिलाना है, ताकि वे भी सम्मानजनक जीवन जी सकें और उनके बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके। उन्होंने जिला प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की। इस मौके पर आदिवासी हीरामनी, जयप्रकाश, नथुनी,उमाशंकर, अनिल कुमार, भैरव सिंह, शिवरतन, रमेश, अमृतलाल लालता सिंह,अनीता, राम विलास,समेत सैकड़ो आदिवासी ग्रामीण मौजूद रहे आदिवासी लोग मौजूद रहे।