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नेपाल में बाढ़ के 9 दिन बाद चमत्कारिक बचाव: त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर सुरंग से दो मजदूर जिंदा निकाले गए

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ADHUNIK NEWS ,4 September 2026, (Update 5 October 2026, 5:02 PM UTC)
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नेपाल में आई भीषण बाढ़ के नौ दिन बाद शुक्रवार सुबह एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे दो मजदूरों को रेस्क्यू टीम ने जिंदा और सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के नौ दिन बाद शुक्रवार सुबह एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे दो मजदूरों को रेस्क्यू टीम ने जिंदा और सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। दोनों मजदूरों की पहचान संजय साह और कबीर महर्जन के रूप में हुई है। बाढ़ के बाद सुरंग में कुल 42 कर्मचारी और मजदूर फंसने की खबर आई थी। कई दिनों तक कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरंग के अंदर से इंसानी आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें तुरंत सुरंग में दाखिल हुईं और तलाशी अभियान को तेज कर दिया। कुछ ही घंटों में दोनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

दोनों मजदूरों को जिंदा पाए जाने के बाद बचाव अभियान में नई उम्मीद जगी है। रेस्क्यू टीम अब बाकी फंसे हुए लोगों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारी बता रहे हैं कि सुरंग के अंदर की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इंसानी आवाज सुनने के बाद पूरी टीम ने दोगुनी मेहनत से काम किया।

बाढ़ का भयावह आंकड़ा
नेपाल में आई इस बाढ़ ने अब तक भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

  • 1,282 लोगों की मौत हो चुकी है
  • 5,300 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं
  • राहत और बचाव दलों ने अब तक 12,038 लोगों को सुरक्षित निकाला है

बाढ़ से कई जिलों में सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई बाढ़ ने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग को भी प्रभावित किया था, जिसके कारण मजदूर अंदर फंस गए थे।

रेस्क्यू अधिकारियों ने कहा है कि दोनों मजदूरों की हालत स्थिर है और उन्हें तुरंत चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है। बचाव अभियान अभी जारी है और टीमें बाकी फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
यह घटना बाढ़ पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है। नेपाल सरकार और सेना ने कहा है कि बचाव अभियान को और तेज किया जाएगा।

मानसून का मौसम राहत तो लाता है, लेकिन बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। देश के कई शहरों में टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया और एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जलभराव, गंदा पानी और मच्छरों के बढ़ते प्रजनन के कारण पानी और भोजन से फैलने वाले संक्रमण आम हो गए हैं।

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